हरयाणा के लोगो का जवाब नहीं

हरयाणा के लोगो का जवाब नहीं

एक हरयाणा का पहलवान बस में चढ़ा।
कंडक्टर – भाई साहब, टिकट!
पहलवान – हम टिकट ना  लेते।
कंडक्टर ने पहलवान की तरफ देखा पर चाहकर भी कुछ न बोल सका।

ऐसे ही दिन निकलते गए पहलवान हर रोज चढ़ता, पर टिकट न लेता और यही बात कंडक्टर के दिल पर लग गई।
ऐसे ही 7 महीने बीत गए और अब कंडक्टर ने भी पहलवान की तरह अपनी बॉडी बना ली।
अब पहलवान चढ़ा, तो कंडक्टर बोला: टिकट।
पहलवान – हम टिकट ना लेते।
कंडक्टर (छाती चौड़ी करके)- है रे क्यों नहीं लेते?
पहलवान – क्योंकि हमने पास बनवा रखा है।

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